: आपको जानकर हैरानी होगी कि स्मार्टफोन से निकलने वाली हानिकारक नीली रोशनी आपको अंधेपन की ओर ले जा सकती है. मोतियाबिंद समेत अन्य बीमारी के शिकार आप हो सकते हैं. ऐसे में अपनी आँखों को आप रिलेक्स कर सकते हैं. बीमारियों से बचा सकते हैं. इसके लिए आप नेचुरल तरीके अपनाने होंगे. आइए जानते है क्या हैं ये तरीके.. आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए करें ये व्यायाम
आप अपनी आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए व्यायाम का सहारा ले सकते हैं. इससे न केवल आँखों की रोशनी बढ़ेगी बल्कि आँखे स्वस्थ व खूबसूरत भी होंगी.
पामिंग- ये आंखों के तनाव से राहत देता है और आंखों की रोशनी बढ़ाता है. इसमें आप अपनी हथेलियों को आपस में रगड़ें. फिर धीरे से अपनी हथेली को अपनी आँखों के सामने कुछ सेकंड के लिए रखें.
आँख घुमाना- ये व्यायाम आप कभी भी कर सकते हैं. कुछ-कुछ मिनटों के लिए दोनों साइड आँखें घुमायें.
अच्छे और संतुलित खान-पान से भी आपकी आंखों की रोशनी पर काफी फर्क पड़ सकता है.
रीफोकस- रीफोकस आपको अपने लैपटॉप पर लगातार काम करते समय करना चाहिए. कुछ अंतराल पर, स्क्रीन से दूर देखें और दूर किसी वस्तु पर ध्यान केंद्रित करें.
पलक झपकाना- पलक झपकना या ब्लिंकिंग एक्सरसाइज के लिए आपके सामने एक खाली दीवार होनी चाहिए. 2 सेकंड के लिए अपनी आंखें बंद करके पलक झपकाना शुरू करें, फिर 5 सेकंड के लिए तेजी से खोलें और झपकाएं.
कंप्यूटर पर काम करते समय या फोन पर अपनी पसंदीदा सीरीज देखते समय, हर 20 मिनट में 20 फीट दूर किसी चीज को 20 सेकंड के लिए देखें. खाएं एंटीऑक्सिडेंट रिच डाइट
अच्छे और संतुलित खान-पान से भी आपकी आंखों की रोशनी पर काफी फर्क पड़ सकता है. इसलिए एंटीऑक्सिडेंट युक्त आहार लेना चाहिए. जिसमें पत्तेदार साग, अंडे की जर्दी, पीली मिर्च, शकरकंद, कद्दू और गाजर शामिल हों. पीली और हरी सब्जियां भी धब्बेदार रोग को रोकने में सहायक होती हैं, इससे अंधेपन से बचा जा सकता है. मोतियाबिंद से बचाव के लिए अपने आहार में मछली या मछली के तेल को शामिल करें.
ब्लू कट लेंस का करें इस्तेमाल
यदि आप स्क्रीन पर लंबे तक काम करते हैं तो ब्लू लाइट ब्लॉकर लेंस या ब्लू कट लेंस का इस्तेमाल करें. ये नीली रोशनी और यूवी किरणों से आँखों का बचाता है.
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