साँप के काटने की घटना तब होती है जब किसी इंसान को साँप काट लेता है।
हर साँप ज़हरीला नहीं होता, लेकिन कुछ साँपों का ज़हर बहुत ही घातक होता है, जो मस्तिष्क, रक्त या मांसपेशियों को नुकसान पहुँचा सकता है।
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साँप के काटने के प्रकार:
ड्राई बाइट: जब साँप काटता है लेकिन ज़हर नहीं छोड़ता।
वेनमस बाइट: जब साँप शरीर में ज़हर छोड़ता है। यह सबसे खतरनाक होता है।
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साँप के ज़हर के प्रकार:
न्यूरोटॉक्सिक (Neurotoxic): मस्तिष्क और नसों को प्रभावित करता है।
हीमोटॉक्सिक (Hemotoxic): रक्त और रक्त नलिकाओं को नुकसान पहुँचाता है।
साइटोटॉक्सिक (Cytotoxic): ऊतकों और मांसपेशियों को नष्ट करता है।
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कारण:
बिना चप्पल या जूते के जंगल या घास में चलना।
साँप को पकड़ना या परेशान करना।
साँप के रहने वाली जगहों पर जाना।
अनजाने में साँप के ऊपर पैर रख देना।
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लक्षण:
काटने की जगह पर दर्द और सूजन।
दाँत के निशान (दो छोटे छेद दिखाई देना)।
मतली, उल्टी, मसूड़ों से खून आना, पेशाब या घाव से खून आना।
साँस लेने में कठिनाई (यदि ज़हर न्यूरोटॉक्सिक हो)।
पलकों का झुक जाना (आँखें बंद होने लगती हैं)।
गंभीर मामलों में लकवा या बेहोशी हो सकती है।
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निदान (Diagnosis):
मरीज के लक्षणों और चिन्हों के आधार पर।
20 मिनट वाला ब्लड क्लॉटिंग टेस्ट (WBCT)।
रक्त की जाँच – CBC, क्लॉटिंग प्रोफ़ाइल, किडनी फंक्शन टेस्ट, यूरिन टेस्ट।
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उपचार:
एंटी स्नेक वेनम (ASV): साँप के ज़हर का विषहर।
टॉर्निकेट बाँधना और काटने की जगह को चूसना नहीं चाहिए।
दर्द निवारक दवाइयाँ (NSAIDs), IV Fluids, टिटनेस इंजेक्शन, ऑक्सीजन सपोर्ट।
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